झाड़ू से जुडी विशेष जानकारी

झाडू से संबंधित बातें

झाड़ू को संस्कृत में मार्जनी या मार्जक कहते हैं आप सब जानते ही है की हमारे घर में उपलब्ध हर छोटी से छोटी चीज़ का हमारे जीवन से किसी न
कसी तरह का संबंध होता है जिनके प्रयोग से हमारे जीवन पर कभी अच्छे तो कभी बुरे प्रभाव देखने
को मिलते है है आज हम आपसे झाडू से संबंध्ति बातो क बारे में बात कर रहे है हमे कब झाडू
लगाना चाहिए कब नहीं इसके बारे हम आपको बता रहे है
हमारे शास्त्रों के अनुसार शाम के समय अर्थात सूरज ढलने के बाद झाडू नहीं लगाना चाहिए ऐसा
करने से लक्ष्मी जी रूठ जाती है क्यूंकि झाडू को लक्ष्मी जी का प्रतीक माना जाता है

झाडू को उल्टा करके न रखे

घर में कभी भी झाडू को उल्टा करके नहीं रखना चाहिए ऐसे करने से घर में कलह -क्लेश की स्थिति
बनी रहती है और घर में हमेशा झगड़े होते रहते है और परिवार के लोगो का दाम्पत्य जीवन कभी
सुखद नहीं रहता है इसलिए झाडू को कभी भी उल्टा करके न रखे

झाडू को कभी खुले में न रखे

झाडू को हमेशा ऐसी जगह रखना चाहिए जहां से वह किसी को दिखाई न दे झाडू को सामने रखने से
या खुले में रखने से घर पर बुरी नज़र पड़ती है झाडू को छत और रसोई घर के दरवाज़े के पीछे भी
नहीं रखना चाहिए

हम आपको पहले भी बता चुके है की झाडू को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है इसलिए झड़ी
को कभी भी भूल से भी पैर नहीं लगाना चाहिए झाडू को पैर लगाने से लक्ष्मी जी का अपमान होता
है शास्त्रों के अनुसार धनतेरस के दिन झाडू खरीदने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है और ,अत लक्ष्मी
की कृपा हमेशा बनी रहती है

गौ माता या अन्य किसी जानवर को झाडू से कभी भी नहीं मरना चाहिए अगर कोई व्यक्ति ऐसा
करता है तो धन की हानि होती है और लक्ष्मी जी का अपमान होता है

हमारे शास्त्रों के अनुसार घर में जहाँ अनाज आदि या खाने की चीज़े रखी हो वहां भी झाडू नहीं
रखना चाहिए ऐसा करने से परिवार में किसिस न किसिस तरह की हानि होने लग जाती है

धन लाभ के लिए भी झाडू का हम प्रयोग कर सकते है सोमवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में किसी भी
मंदिर में तीन झाडू रख आए पर ध्यान रहे की आपको झाडू रखते हुए कोई न देखे

अगर आप नए घर में जा रहे हो तो वहाँ नया झाडू लेकर जाएं इससे घर में सुख समृद्धि बनी रहेगी

कहाँ झाड़ू नहीं लगाना चाहिए :-झाड़ू को कभी भी पूजा के कक्ष में नहीं लगाना चाहिए पूजा के कक्ष की सफाई पोछा लगा कर करनी चाहिए मंदिर के गर्भ गृह में झाड़ू नहीं लगाना चाहिए

झाड़ू के प्रकार :-

झाड़ू के भी अलग अलग प्रकार होते हैं ,जी हाँ बिलकुल ऐसा नहीं है की झाड़ू सब जगह एक सा ही प्रयोग होता है गांव में रहने वाले जानते हैं की झाड़ू कितने प्रकार के होते है फ़िलहाल हम बात करते है झाड़ू किस्से बनता है आजकल बाजारों में जो झाड़ू उपलब्ध है वे प्लास्टिक क या फिर सरड़ा घास के होते हैं है लेकिन एक बगड़ा घास से बना झाड़ू घर की रसोई शयन कक्ष में सफाई के लिए विशेष उप्युक्त होता है उसके बाद खजूर का झाड़ू बराम्दे छत इत्यदि पर सफाई के लिए ज्यादा अच्छा रह है,उसके बाद बांस की छटियों या अन्य पतली लकड़ियों से बने झाड़ू मिट्टी के भाग ग्राउंड या पशुओं के पास झाड़ू लगाने के लिए विशेष रूप से प्रयुक्त होते हैं या यूँ कहे की होते थे ,उपरोक्त बताये गए झाड़ू प्राकृतिक थे जिनका अब धीरे धीरे लोप जो रहा है !

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