सिन्दूर का महत्व

सिन्दूर की विशेषता

सिन्दूर का महत्व

हमारी हिन्दू संस्कृति में सिन्दूर का विशेष महत्ब है सिन्दूर सौभाग्य का प्रतीक है हमरी संस्कृति

के प्रत्येक कार्य में सिन्दूर का प्रयोग होता है विवाहित स्त्रियों के सोलह श्रृंगारो में से सिन्दूर विशेष

श्रृंगार है शादी के बाद ही विवाहित स्त्रिया सिन्दूर को अपनी मांग में लगाती है क्यूंकि सिन्दूर को

सुहाग का प्रतीक माना गया है यहां तक लाल सिन्दूर को माता लक्ष्मी और पार्वती का प्रिय भी कहा जाता है

जो औरते मांग में सिन्दूर लगती है जिसमे उनका यह भाव रहता है कि ऐसा करने से  उनके पति की आयु में वृद्धि होती है

और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है

सिन्दूर के उपाय

नौकरी के लिए

—- अगर किसी को नौकरी नहीं मिल रही है तो वह किसी भी

शुक्ल पक्ष के गुरूवार के दिन पीले वस्त्र पर अपनी अनामिका ऊँगली से केसर मिले हुए सिन्दूर से ६३ नंबर लिख कर

  मातालक्ष्मी के चरणों में चढ़ा दे ऐसा ३ गुरूवार करे

परीक्षा में सफलता के लिए

—- अगर किसी को परीक्षा में बार बार  असफलता मिल रही है तो वह शुक्ल पक्ष के गुरु पुष्य योग में

गणेश जी के मंदिर में सिन्दूर दान करे ऐसा करने से परीक्षा में सफलता अवश्य मिलेगी

घर में सुख शांति के लिए

—– घर के मुख्य द्वार पर सिन्दूर का तिलक लगाया जाये तो माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है

और घर के मुख्य द्बार पर गणेश जी की सिन्दूर लगी प्रतिमा लगा ईजाये

तो घर में सुख शांति बनी रहती है

बच्चो की नज़र दूर करने के लिए ——

अगर बच्चो को बार बार नज़र लग रही है तो हनुमान जी के कंडे का सिन्दूर लेकर

बच्चे के माथे पर लगाने से हर तरह की नज़र दूर हो जाती है

मंगल और सूर्य की शांति के लिए —–

अगर सूर्य और मंगल की दशा या अंतर्दशा चल रही हो तो सिन्दूर कोबहते पानी में बहा दे

ऐसा करने से सूर्य और मंगल की दशा अंतर्दशा का अशुभ   प्रभाव कम हो जाता है और वह

शुभ फल देने लग जाते है

धन लाभ के लिए —-

– काली हल्दी को सिन्दूर लगा कर और उसकी पूजा करके लाल कपड़े में लपेट

कर अपनी तिजोरी में रखने से धन में वृद्धि होती है

विवाहित स्त्रियों के मांग में सिंदूर भरने से उनका सौंदर्य बढ़ता है और अनिद्रा सर दर्द और तनाव

आदि रोग भी दूर होते है

आधुनिक विज्ञानं के अनुसार सिंदूर में पारा पाया जाता है और उनके पदार्थों के संयोग से सिन्दूर का निर्माण किया जाता है

,वैवाहिक स्त्रियों को घर परिवार के काम काज से अत्यधिक दबाव महसूस न हो

इसलिए भी सिन्दूर को स्त्रियां अपनी मांग में भरती हैं 

पुरुष अपने आज्ञा चक्र में अगर सिंदूर लगाते हैं तो उनका ध्यान अपने कार्य पर केंद्रित हो जाता है

वो अपने कार्य को पूरी निष्ठां से पूर्ण करता है 

सिन्दूर न केवल हमारी सुंदरता में निखार लाता  है अपितु उसके प्रयोग से आकर्षण बढ़ता है

हमारे आस पास के लोग हमारी तरफ आकर्षित हो जाते हैं ,सिन्दूर को अगर गायत्री मंत्र से अभिमंत्रित करके लगाया जाये तो

वह ज्यादा अच्छे परिणाम देता है यह स्वयं अनुभूत है,

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