सभी शुभ कार्यों में कलश क्यो लगाते है?

सभी शुभ कार्यों में कलश क्यो लगाते है? एक समय जब देवासुर संग्राम हुआ, तब समुद्र में से चौदह रत्नों की उत्पत्ति हुई, उन चौदह रत्नों में अंतिम रत्न था कलश, अर्थात अमृत कलश उस अमृत कलश के कारण पुनः देवताओं और असुरों में संग्राम प्रारम्भ हो गया , जिसे शांत करने के लिए भगवान श्री हरि को मोहिनी रूप लेना पड़ा। तभी से कलश की महत्ता ओर उपयोगिता  प्रारम्भ हो गयी थी, आईये जानते हैं क्यों है कलश पूजनीय?

» Read more