भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

मेहर सिंह

मेहर सिंह एक फौजी कवि थे। मेहर सिंह का जन्म सोनीपत (हरियाणा) के एक गांव में हुआ था। मेहर सिंह की रचनाएं हरियाणा के देहाती इलाको में बहुत लोकप्रिय हैं।

मेहर सिंह 1944 के युद्ध में अपनी जान न्योछावर कर दी।

 

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