भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

आया तीजां का त्योहार | सावन के हरियाणवी लोक-गीत

आया तीजां का त्योहार | सावन के हरियाणवी लोकगीत | Teej Geet | Teej Folk Songs

आया तीजां का त्योहार
आज मेरा बीरा आवैगा

सामण में बादल छाए
सखियां नै झूले पाए
मैं कर लूं मौज बहार
आज मेरा बीरा आवैगा

आया तीजां का त्योहार
आज मेरा बीरा आवैगा
मेरे मन में चाव घणा सै
क्या सुंदर समै बणा सै
मन्नै कर द्यो तुरत तैयार
आज मेरा बीरा आवैगा

आया तीजां का त्योहार
आज मेरा बीरा आवैगा

साभार--हरियाणा के लोक गीत, हरियाणा साहित्य अकादमी 
संपादक--डॉ साधुराम शारदा

 

 

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