भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

पं मांगेराम की रागणियां

पं मांगेराम की रागणियां | Pt. Mange Ram

पं मांगे राम का नाम हरियाणवी लोक साहित्य में एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर है। पं लखमीचंद के इस शिष्य की रागणियां हरियाणा भर में बड़े चाव से आज भी गाई जाती हैं।

यदि आप के पास पं मांगे राम से संबंधित सामग्री हो तो कृपया हमें अवश्य भेजें। पं मांगे राम की कुछ प्रसिद्ध रागनियां यहां दी जा रही हैं। आशा है पाठको को रोचक लगेंगी।

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