भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

हरणे नै भारत का कलेस | गाँधी लोकगीत

हरणे नै भारत का कलेस | लोकगीत

हरणे नै भारत का कलेस।
गांधी नै योह् दिया उपदेस॥

हिंदू, मुसलम, सिख, ईसाई
आपस में सब भाई-भाई॥

सब कै दिल मैं बात समाई।
फिर कोन्या कदी करी लड़ाई॥

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