भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

म्हारा हरियाणा संकलन साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 28

म्हारा हरियाणा संकलन

झूलण आळी | लोकगीत

झूलण आळी बोल बता के बोलण का टोटा
झूलण खातर घाल्या करैं सैं पींग सामण में
मीठी बोली तेरी सै जणो कोयल जामण में
पूरा पढ़ें...

हरियाणा के प्राचीन नगर | Ancient Cities of Haryana

यूँ तो हरियाणा में विभिन्न नगर हैं किंतु हम यहाँ हरियाणा के प्रमुख प्राचीन नगरों का उल्लेख कर रहे हैं:
कुरूक्षेत्र
थानेसर (स्थाण्वीश्वर)
पूरा पढ़ें...

फागुण के हरियाणवी लोक गीत | Fagun Geet

यहाँ फागुण से संबंधित लोकगीत संकलित किए गए हैं जो फागुण, फाग व होली के अवसर पर गाए जाते हैं। यदि आपके पास भी कुछ गीत उपलब्ध हों तो अवश्य 'म्हारा-हरियाणा' स...
पूरा पढ़ें...
म्हारा हरियाणा संकलन का जीवन परिचय (Biography)

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।