भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

नरेश कुमार शर्मा साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 4

नरेश कुमार शर्मा

हरियाणा राज्य गीत

हेरै मिली नई-नई सौगात हुआ रोशन म्हारा हरियाणा ।
सारे हक रखे सर्वोपरि उन्नत हुआ किसान म्हारा ।
स्वास्थय की सोच निराली उत्तम है संस्कार म्हारा ।
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लियो झलक देख हरियाणे की

राज्य गीत के माध्यम से लियो झलक देख हरियाणे की।
नई-नई चली स्कीम योजना कोन्या बात बहकाणे की।
नीयती नेक चला राखी सै राज्य के म्हा हुआ विकास।
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अलबेली छोरी

मै अलबेली छोरी मेरी मटकै पोरी-पोरी, मैं मस्त छबीली नार। ।टेक।
मेरी पायल छन-छन छनकै।
पग घुंघरू खन-खन खनकै।
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मेरी कुर्ती | रागनी

हे मेरी कुर्ती का रंग लाल मेरा बालम देख लूभावै सै। |टेक|
हे सै मेरा जोबन याणा।
मेरे संग होरया धिंगताणा।
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नरेश कुमार शर्मा का जीवन परिचय (Biography)

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