भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

सत्यवीर नाहड़िया

सत्यवीर नाहड़िया सरकारी स्कूल में रसायन शास्त्र के प्रवक्ता हैं। हरियाणा में आपकी पहचान एक युवा साहित्यकार, लेखक, हरियाणवी साहित्य के ज्ञाता के रुप में प्रतिष्ठित हो चुकी है।

आपने हरियाणवी फिल्मों में संवाद-लेखक/गीतकार के तौर पर पहचान बना चुके हैं। इन हरियाणवी फिल्मों में पीहर की चुंदड़ी, चित्तचोरनी, आठवां वचन तथा माटी करे पुकार इत्यादि सम्मिलित हैं।

आपकी ऑडियो-वीडियो कैसेट्स जिनमें भजन, संगीत अलबम, लोक राग, हरियाणवी रागनी-संग्रह बाजार में उपलब्ध हैं।

विभिन्न काव्य-संकलनों में आपकी रचनाएं प्रकाशित हुई हैं। आकाशवाणी रोहतक से अनेक वार्ताएं, काव्यपाठ प्रसारित हुए हैं।

 

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।