श्याम सखा श्याम साहित्य Hindi Literature Collections of Premchand
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हरियाणवी दोहे
मनै बावली मनचली, कहवैं सारे लोग।
प्रेम प्रीत का लग गया, जिब तै मन म्हँ रोग॥
बीर मरद में हो रह्यी, बस एकै तकरार।
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प्रेम प्रीत का लग गया, जिब तै मन म्हँ रोग॥
बीर मरद में हो रह्यी, बस एकै तकरार।