भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

विनोद मैहरा बेचैन

वी एम बेचैन का वास्तविक नाम विनोद मैहरा है। आपका जन्म 7 अगस्त 1976 को भिवानी में हुआ। आप हरियाणवी कवि व लेखक होने के अतिरिक्त मंच कलाकार व हरियाणवी अभिनायक भी हैं।

आप कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नात्तकोत्तर हैं।

प्रकाशित सामग्री:

चौपाल मेरे गांव की (हरियाणवी काव्य संग्रह), दश्ते अहसास (ग़ज़ल संग्रह), कसूता सिंह के कसूते चुटकले, काच्चे काट रे सां (हरियाणवी काव्य संग्रह), फँसो और हँसो (हरियाणवी हास्य चुटकलियां), शकुंतला अर दुष्यंत (हरियाणवी उपन्यास, अनुवादित), बिन तेरे बेचैन (ग़ज़ल/हज़ल संग्रह)

 

 

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