भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

मेहर सिंह की रागणियां

मेहर सिंह की रागणियां | Ragnis by Mehar Singh

मेहर सिंह की रागणियां हरियाणा में बहुत लोकप्रिय हैं और देहात में बड़े चाव से सुनी जाती हैं। एक फ़ौजी होने के कारण उनकी रचनाओं में फ़ौज के जीवन, युद्ध इत्यादि का उल्लेख स्वभाविक है। 

यह पृष्ठ हरियाणा के इस फ़ौजी कवि को समर्पित है। यदि आपके पास मेहर सिंह की रचनाएं उपलब्ध हों तो कृपया हमें अवश्य भेजें।

आइए, मेहर सिंह की रागणियों का आनन्द लें।

प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी आप करें!

टिप्पणी लिखें (Write a Comment)

CAPTCHA

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।