भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

हरियाणवी भाषा

हरियाणवी भाषा | Haryanvi Language

हरियाणवी (हरयाणवी) भाषा मूलत: हिंदी की ही एक बोली है और यह हरियाणा की मूल बोली है। हरियाणवी के अधिकतर शब्द ब्रज-भाषा से मिलते-जुलते हैं।

यूं तो हरियाणवी में अनेक उच्चारण (लहज़े) प्रचलित है किंतु अधिकतर इन्हे उत्तरी हरियाणवी व दक्षिणी हरियाणवी में वर्गीकृत किया जाता है। एक ही बात को हरियाणवी में अनेक लहज़ों में कहा जा सकता है। उदाहरणार्थ यहां, 'कहां जा रहे हो?' को विभिन्न हरियाणवी लहज़ों में अभिव्यक्त किया जा रहा है:

कड़ै जावै?

कठै जावै?

कित चाल्या?

कत्यौड़ चाल्या?

किंगे जावै?

कां (कहां) जावै?

--रोहित कुमार हैप्पी

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