भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

लगा बुढेरा एक बताण

लगा बुढेरा एक बताण | Haryanavi Song by Rohit Kumar Happy

लगा बुढेरा एक बताण
आपस मै ना करो दुकाण
लगा बुढेरा एक बताण......

पडणा-लिखणा अच्छा हो सै
पर माणस की सीख पछाण
           लगा बुढेरा एक बताण......

देखा-परखा सै जग सारा
लाग रहे मेरे धौळे आण
          लगा बुढेरा एक बताण......

आपणी राखैं लोग छुपा कै
आवैंगे ये तेरी खाण
         लगा बुढेरा एक बताण......

भोळा-सौद्दा माणस सूं मैं
पर ना मूरख मन्नै जाण
         लगा बुढेरा एक बताण......

रग-रग मैं दुनिया की जाणूं
लगे स्याणे मन्नै भकाण
         लगा बुढेरा एक बताण......

रोज-रोज की वए कहाणी
सुण-सुण पाके पड़ै सैं कान
         लगा बुढेरा एक बताण......

              - --रोहित कुमार 'हैप्पी'
                   न्यूज़ीलैंड

प्रतिक्रियाएं (Comments) - 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी आप करें!

टिप्पणी लिखें (Write a Comment)

CAPTCHA

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।